मंगलवार, फ़रवरी 12, 2013

दिल की दास्ताँ - अंतिम भाग

सुधांशु ने मुड़ कर देखा, और मुस्करा दिया | उसकी आँखें नम थी और होटों पर मुस्कान थी | दुःख और सुख का ऐसा समन्वय उसके जीवन में एक अरसे बाद आया था | जिस दिन का उसे बेसब्री से इंतज़ार था वो बरसों बाद आज आ ही गया था | लालाजी उसके सामने खड़े थे | वो झट से लालाजी के गले लग गया | अश्रुपूरित नयनो से और कांपती आवाज़ में उसने पूछ ही लिया,

"इतनी देर, इतनी देर क्यों की, दददू?"

"लालाजी, चुप रहे और उसे गले से लगा लिया और धीरे धीरे उसकी कमर सहलाते रहे और प्यार से सर पर हाथ फेरते रहे"

दोनों फिर साथ में घुमने निकल पड़े और एक शांत स्थान पर जाकर बैठ गए | दोनों खामोश थे | काफी देर तक दोनों सुकून के साथ उस चुप्पी को सुनते रहे | फिर अचानक लालाजी ने धीरे से कहा,

"देर तो हो गई बेटा, इस बार कुछ ज्यादा ही देर हो गई | पर देर आए दुरुस्त आए | अब से मैं तेरे साथ हूँ | हर सुख दुःख में |"

सुधांशु ने भी हामी में चुप चाप सर हिला दिया और दोनों घंटो साथ बैठे रहे | उस दिन सुधांशु और लालाजी के बीच एक नए रिश्ते ने जन्म लिया और वो रिश्ता था दोस्ती का, प्यार का , आदर का, सम्मान का | उस एक दिन में सुधांशु को वो सब कुछ मिल गया जो उसने बरसों से नहीं पाया था | दादा और पोते ने मिलकर उस दिन खूब मज़े किये | लालाजी ने भी जम कर मीठा खाया | दोनों की पसंदीदा मिठाई जलेबियाँ ही थीं और आखिर में लालाजी ने अपने हाथ से आखरी जलेबी उठाई और आशीर्वाद देते हुए अपने पोते को खिलाई और बोले,

"जिस तरह इस जलेबी की मिठास तुम्हारे मुंह को मीठा कर रही है उसी तरह से मेरा आशीर्वाद है के आगे तुम्हारी ज़िन्दगी भी ऐसे ही मीठी बनी रहे | चलो अब घर चलते हैं |"

लाला जी के हाथ से छड़ी लेते हुए सुधांशु ने उनका हाथ थाम लिया और अपने कंधे पर रख लिया | और फिर हंसी मजाक करते, हँसते खिलखिलाते दोनों घर की ओर चल पड़े |"

6 टिप्‍पणियां:

  1. बड़ों के आशीर्वाद में ही जिंदगी की सार्थकता है .बहुत सुन्दर प्रस्तुति . अफज़ल गुरु आतंकवादी था कश्मीरी या कोई और नहीं ..... आप भी जाने संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करें कैग

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत ही सुखद समापन,धन्यबाद।

    जवाब देंहटाएं
  3. बहुत बढ़िया समापन-

    आभार ||

    जवाब देंहटाएं
  4. आप सभी का बहुत बहुत आभार | मेरा हौसला बढ़ाने के लिए तहेदिल से शुक्रिया |

    जवाब देंहटाएं

कृपया किसी प्रकार का विज्ञापन टिप्पणी मे न दें। किसी प्रकार की आक्रामक, भड़काऊ, अशिष्ट और अपमानजनक भाषा निषिद्ध है | ऐसी टिप्पणीयां और टिप्पणीयां करने वाले लोगों को डिलीट और ब्लाक कर दिया जायेगा | कृपया अपनी गरिमा स्वयं बनाये रखें | कमेन्ट मोडरेशन सक्षम है। अतः आपकी टिप्पणी यहाँ दिखने मे थोड़ा समय लग सकता है ।

Please do not advertise in comment box. Offensive, provocative, impolite, uncivil, rude, vulgar, barbarous, unmannered and abusive language is prohibited. Such comments and people posting such comments will be deleted and blocked. Kindly maintain your dignity yourself. Comment Moderation is Active. So it may take some time for your comment to appear here.