रविवार, जुलाई 14, 2013

ऐसे हैं हम





















आदत में हम अपनी
स्वराज ले भिड़ते हैं
ऐसे स्वाराजी है हम

खून में हम अपने
गर्मी ले बढ़ते हैं
ऐसे जोशीले हैं हम

बदल सके जो हमको
ज़माना नहीं बना वो
ऐसे हठीले हैं हम

आसमानों में परिंदों
से आजाद उड़ते हैं
फौलादी हवाओं को
ले साथ फिरते हैं
गहराई सागरों की
मापते फिरते हैं
दोस्त हो या दुश्मन
गर्मजोशी से मिलते हैं

आँखों में हम अपनी
सपने ले जीते हैं
ऐसे मतवाले हैं हम

जिगर में हम अपने
आग ले जलते हैं
ऐसे लड़ाकू हैं हम

दिल में 'निर्जन' अपने
उम्मीद ले चलते हैं
ऐसे आशावादी हैं हम

11 टिप्‍पणियां:

  1. दिल में 'निर्जन' अपने
    उम्मीद ले चलते हैं
    ऐसे आशावादी हैं हम,,,

    बहुत खूब,सुंदर रचना,,,

    RECENT POST : अपनी पहचान

    जवाब देंहटाएं
  2. बहुत जोशीली रचना .............

    जवाब देंहटाएं
  3. उम्‍मीद लेकर चलनेवाले आशावादी.....यह आशावाद अच्‍छा संकेत है।

    जवाब देंहटाएं
  4. सुंदर प्रस्तुति। भईया।

    जवाब देंहटाएं
  5. बहुत ही खूबसूरत रचना.

    रामराम.

    जवाब देंहटाएं
  6. जोश भरपूर्ण रचना..शुभकामनाएं

    जवाब देंहटाएं
  7. सुन्दर रचना और शब्द विन्यास |
    आशा

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत ही सुन्दर भाव हैं कविता के डायरेक्ट दिल से :)

    जवाब देंहटाएं

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